नाखूनों के आसपास की त्वचा का छोटा-सा टुकड़ा निकलना या छिलना एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह दर्द और परेशानी का कारण बन सकता है। अक्सर लोग इस त्वचा को दांतों से काटकर या हाथ से खींचकर निकाल देते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा करने से त्वचा अधिक फट सकती है, खून निकल सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। नाखूनों के किनारे निकलने वाली इस अतिरिक्त त्वचा को हैंगनेल (Hangnail) कहा जाता है।
हैंगनेल होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हाथों की त्वचा का ज्यादा रूखा होना, बार-बार हाथ धोना, साबुन और सफाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के संपर्क में रहना इसकी प्रमुख वजहें हैं। इसके अलावा नाखून चबाने, क्यूटिकल को काटने या आसपास की त्वचा को बार-बार खींचने की आदत भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। जब त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है, तो नाखूनों के आसपास की त्वचा फटने और छिलने लगती है।
त्वचा निकलने पर न करें ये गलती
अगर नाखून के किनारे त्वचा का कोई टुकड़ा निकला हुआ है, तो उसे दांतों से काटने या हाथ से खींचने से बचें। इससे आसपास की स्वस्थ त्वचा भी फट सकती है। अगर त्वचा का टुकड़ा बाहर निकला हुआ है, तो पहले हाथों को साफ करें और फिर साफ नेल कटर या छोटी नेल कैंची से केवल निकले हुए हिस्से को सावधानी से काटें। त्वचा को खींचने से बचें। साथ ही, नाखूनों के आसपास की नमी बनाए रखने के लिए दिन में कई बार मॉइस्चराइजर लगाएं, खासकर हाथ धोने के बाद और रात को सोने से पहले।
हैंगनेल से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है। बर्तन धोते समय या सफाई वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते समय दस्ताने पहनें, ताकि हाथों की त्वचा लंबे समय तक पानी और रसायनों के संपर्क में न रहे। मैनीक्योर के दौरान क्यूटिकल को पूरी तरह काटने या जोर से पीछे धकेलने से बचें, क्योंकि यह नाखून की जड़ को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। अगर नाखून चबाने की आदत है, तो उसे छोड़ने की कोशिश करें और नाखूनों को साफ-सुथरा व उचित लंबाई में रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर नाखून के आसपास लालिमा, सूजन, तेज दर्द, गर्माहट या पस दिखाई दे, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें। यदि त्वचा बार-बार छिलती है और नियमित देखभाल के बावजूद समस्या ठीक नहीं होती, तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर है। कुल मिलाकर, नाखूनों के आसपास की त्वचा को खींचने से बचना, नियमित मॉइस्चराइजर लगाना और सफाई के दौरान हाथों की सुरक्षा करना हैंगनेल की समस्या से बचाव में मदद कर सकता है।


