नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम 22 अक्टूबर 2026 से न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत करेगी। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच पांच टी20 इंटरनेशनल, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टी20, वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीमों की घोषणा कर चुका है। टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, जबकि वनडे और टेस्ट में शुभमन गिल को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है।
22 अक्टूबर से टी20 सीरीज, 1 नवंबर को आखिरी मुकाबला
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। दूसरा मैच भी इसी मैदान पर 24 अक्टूबर को होगा। इसके बाद तीसरा टी20 27 अक्टूबर को वेलिंग्टन, चौथा 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। भारतीय टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों को मौका मिला है। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी इस सीरीज का प्रमुख आकर्षण रहेगी।
4 नवंबर से वनडे सीरीज, शुरुआती तीन मैचों में गिल संभालेंगे कमान
टी20 सीरीज के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। पहला वनडे 4 नवंबर को ऑकलैंड में होगा, जबकि आखिरी मैच 15 नवंबर को माउंट मौनगानुई में खेला जाएगा। शुरुआती तीन मुकाबलों में शुभमन गिल कप्तान और श्रेयस अय्यर उपकप्तान होंगे। आखिरी दो वनडे में श्रेयस अय्यर कप्तानी करेंगे और ईशान किशन उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
19 नवंबर से टेस्ट सीरीज, बुमराह की भी वापसी
सीमित ओवरों की सीरीज पूरी होने के बाद दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। पहला टेस्ट 19 नवंबर से वेलिंग्टन में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा और 1 दिसंबर तक चलेगा। टेस्ट टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और केएल राहुल उपकप्तान होंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी टेस्ट टीम का हिस्सा हैं, जबकि ऋषभ पंत की उपलब्धता फिटनेस मंजूरी पर निर्भर करेगी।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय टीम के सामने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और टीम संयोजन को परखने की चुनौती होगी। टी20 सीरीज में युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, जबकि वनडे मुकाबलों में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका अहम रहेगी। टेस्ट सीरीज में खिलाड़ियों की तकनीक और धैर्य की परीक्षा होगी। तीनों फॉर्मेट का यह दौरा भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा और क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ कप्तानी के फैसलों पर भी रहेंगी।


