मुंबई :- अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई करने वाले कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि राधा और बबीता उत्तर प्रदेश की निवासी बताई जा रही हैं। मामले की जांच मुंबई पुलिस भी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, कुणाल और सुमित को करीब दो सप्ताह पहले अमृतसर से हथियार लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों कथित तौर पर एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आए थे। जांच में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है, जिसने कथित रूप से कुणाल को हथियार रखे जाने की लोकेशन भेजी थी। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हथियार किसी व्यक्ति से सीधे लेने के बजाय पहले से तय स्थान से उठाए गए थे। इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है, जिसमें सामान एक निश्चित जगह पर छोड़ दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हथियारों को मुंबई पहुंचाने के लिए दो महिलाओं को कथित तौर पर 10 से 12 हजार रुपये देने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा को इस काम के लिए तैयार किया था, जबकि बबीता भी उसके साथ शामिल बताई जा रही है। आरोप है कि 15 अक्टूबर को कुणाल दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा, जहां से वे मुंबई के लिए रवाना हुईं। बताया जा रहा है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी। इस दौरान कथित नेटवर्क के सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के मुताबिक, हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। अमृतसर से हथियार उठाने, उन्हें दिल्ली तक लाने और फिर मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था अलग-अलग चरणों में की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसके लिए भेजे जा रहे थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। 20 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद मुंबई पुलिस की सीआईडी टीम ने अदालत से आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ की अनुमति मांगी।
अदालत से अनुमति मिलने के साथ तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी मंजूर किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी, आरोपियों की भूमिका और फायरिंग की घटना से उनके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


