रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के चर्चित केलो डेम लूटपाट मामले में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। युवक और उसकी महिला मित्र के साथ मारपीट कर मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी रामकुमार मेहता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटा हुआ आईफोन-12 और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, जोगीडीपा निवासी 22 वर्षीय सानू सारथी ने 12 अक्टूबर 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 11 अक्टूबर की शाम वह अपनी महिला मित्र के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से केलो डेम घूमने गया था। शाम करीब 7:30 बजे लौटते समय 3 से 4 युवकों ने महिला मित्र से पूछताछ के बहाने विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट की और उसकी जेब से 1,500 रुपये, आईफोन-12 मिनी तथा महिला मित्र का मोटोरोला मोबाइल लूटकर फरार हो गए। जाते समय आरोपियों ने बुलेट की चाबी भी फेंक दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों सोहेल अंसारी, निवासी इंदिरा नगर रायगढ़, और रणवीर कुमार, निवासी बिहार, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। वहीं, तीसरा आरोपी रामकुमार मेहता घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लूटे गए मोबाइल से सिम कार्ड भी निकाल चुका था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रामकुमार मेहता रायगढ़ के कुरमापाली क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से पीड़ित का आईफोन-12 और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AX 1602 बरामद की है।
हालांकि, युवती का लूटा हुआ मोटोरोला मोबाइल अब तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह मोबाइल मामले में शामिल एक अन्य फरार आरोपी के पास होने की जानकारी मिली है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी अमित तिवारी, एएसआई कोसो सिंह जगत और पुलिस टीम के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


