तिब्बत :- चीन के कब्जे वाले तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार, 22 अक्टूबर को 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान होने की खबर है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। भूकंप से नागकू क्षेत्र में सैकड़ों मकान और पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र नागकू क्षेत्र के बाकेन काउंटी में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 10:33 बजे आया। उपलब्ध रिपोर्टों में भूकंप की गहराई 173 किलोमीटर बताई गई है। हालांकि, भूकंप के केंद्र और उसकी गहराई से जुड़े आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट से की जानी बाकी है।
भूकंप के कारण नागकू क्षेत्र में 339 से अधिक मकान और 20 से ज्यादा पशुशालाएं नष्ट होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। एहतियात के तौर पर रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। राहत कार्यों में करीब 1,600 बचावकर्मियों को लगाया गया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश करने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।
स्थानीय प्रशासन ने बेघर हुए लोगों के लिए राहत सामग्री भेजी है। प्रभावित परिवारों को आश्रय देने के लिए लगभग 3,000 टेंट, 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड मकान, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और ठंड से बचाव के लिए जरूरी कपड़ों की व्यवस्था की गई है। राहत शिविरों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि तिब्बत और आसपास के हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। हाल के दिनों में नेपाल-चीन सीमा के पहाड़ी इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने भी क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित किया है। तिब्बत में आए इस भूकंप के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है, इसलिए आगे के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनी हुई है।


