धमतरी :- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मराठापारा और बांसपारा इलाके में आधी रात कथित तौर पर लाठी-डंडों और हथियारों के साथ घूमने का मामला सामने आया है। चेहरे ढंककर घूम रहे युवकों पर गाली-गलौज करने और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश करने के आरोप लगे हैं। मामले को लेकर मराठा समाज ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। अब पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

24 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई की मांग पर थाने पहुंचा समाज

मराठा समाज के अनुसार, 21 और 22 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 20 से 22 युवक चेहरे पर गमछा और स्कार्फ बांधकर इलाके की गलियों में घूम रहे थे। आरोप है कि युवकों के पास लाठी-डंडे और हथियार थे तथा उन्होंने गाली-गलौज कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। गुरुवार को समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

अल्टीमेटम खत्म होने पर दोबारा थाने पहुंचे लोग

शुक्रवार को निर्धारित समय पूरा होने के बाद मराठा समाज के सदस्य एक बार फिर कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी मांगी। समाज के जिला अध्यक्ष दीपक लोंढे ने कहा कि रात में चेहरे ढंककर हथियारों के साथ घूमने की घटना गंभीर है और इससे किसी अप्रिय घटना की आशंका पैदा हो सकती है। समाज ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की थी। गिरफ्तारी नहीं होने पर धमतरी बंद और आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।

FIR दर्ज, सात युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया

सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी के मुताबिक, शुक्रवार को मिले आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के तहत सात युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उनकी पहचान के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नाबालिगों की भूमिका की भी जांच

पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों के नाबालिग होने की जानकारी भी सामने आई है। सभी संबंधित लोगों की पहचान और तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन शामिल था और आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।