नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP Stage-II को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सोमवार शाम 4 बजे 324 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
पिछले कुछ दिनों में राजधानी की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। 31 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 और 2 नवंबर को 324 तक पहुंच गया। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा बने रहने की आशंका है।
दिल्ली में पहली बार इस सीजन AQI 324
दिल्ली में इस सीजन पहली बार वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार AQI 301 से 400 के बीच होने पर हवा को बहुत खराब माना जाता है।
2 नवंबर को उपलब्ध 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 36 पर AQI बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में AQI 417 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की कम गति और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक दिल्ली और आसपास के शहरों में स्मॉग की समस्या बढ़ सकती है।
GRAP-2 लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
GRAP का दूसरा चरण लागू होने के बाद दिल्ली-NCR की सरकारी एजेंसियों को प्रदूषण कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने होंगे।
इनमें प्रमुख उपाय शामिल हैं:
- सड़कों की नियमित मैकेनिकल और वैक्यूम सफाई।
- प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल।
- निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों की सख्त निगरानी।
- खुले में कचरा और अन्य सामग्री जलाने पर कार्रवाई।
- ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में यातायात प्रबंधन बेहतर करना।
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच और PUC नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
- सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करना।
इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों और डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार निगरानी बढ़ाई जाएगी।
क्या दिल्ली में गाड़ियों पर भी पाबंदी लगेगी?
दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों से जुड़े नियम पहले से लागू किए जा रहे हैं। 1 नवंबर से दिल्ली में बाहर के राज्यों में पंजीकृत BS-VI मानक से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI मानक वाले वाहनों को इस नियम में छूट दी गई है।
हालांकि, GRAP Stage-II लागू होने का मतलब यह नहीं है कि सभी निजी गाड़ियों पर प्रतिबंध लग गया है। अलग-अलग चरणों में लागू होने वाली वाहन पाबंदियां संबंधित सरकारी आदेशों पर निर्भर करती हैं।
वाहन चालकों को दिल्ली में प्रवेश से पहले अपने वाहन का उत्सर्जन मानक और वैध Pollution Under Control (PUC) प्रमाणपत्र जांच लेना चाहिए।
ऑफिस जाने वालों और आम लोगों के लिए क्या सलाह है?
प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को अपनी दैनिक गतिविधियों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने तथा कारपूलिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी है।
इसके अलावा ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद रखना, खुले में कचरा नहीं जलाना और अनावश्यक रूप से डीजल जनरेटर का इस्तेमाल नहीं करना भी जरूरी है।
बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। यदि सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
दिल्ली की हवा कब तक सुधरेगी?
CAQM के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है।
हवा की गति, तापमान और मौसम में बदलाव प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहतीं, तो प्रदूषक वातावरण में जमा रह सकते हैं।
इसलिए फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने और आधिकारिक AQI अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
दिल्ली में AQI 324 पहुंचने के बाद GRAP Stage-II लागू करना इस बात का संकेत है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव, वाहनों की जांच और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदमों से प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी।
आने वाले दिनों में मौसम और प्रदूषण के स्तर के आधार पर प्रशासन आगे के फैसले ले सकता है। दिल्ली-NCR के लोगों को सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: AQI और सरकारी प्रतिबंधों में बदलाव हो सकता है। वाहन संबंधी नियमों और प्रदूषण नियंत्रण के नवीनतम आदेशों के लिए CAQM तथा दिल्ली सरकार की आधिकारिक सूचनाएं देखें।


